शुक्रवार, 12 जून 2015

प्यारा 'दर्शन '@3

और दर्शन के लिए मौसी के मन से निकले कुछ मोती ये भी -

हज़ारों फूलों सी कोमलता लिए 
तू इस धरती पर आया है 
darshan's family clock my father's creation
तेरी चंचल मुस्कान देख
हर किसी का मन तुझपे आया है 


चाँद सी शीतलता है तुझमें 
और सूरज सा तेज भी 
हज़ारों फूल फ़ीके पड़ जाएँ 
ऐसी मुस्कान बस एक ही 

देखूँ तेरी भोली सूरत तो 
तुझमें ही खो जाती हूँ 
तू जो हँस दे एक बार तो 
shaitani muskaan
मैं प्रफुल्ल हो जाती हूँ 

तेरे मुँह से निकला 'मौछी' 
कानों में मिश्री घोले है 
हो जाती तुझ पे न्यौछावर 
जब तू ऐसा मीठा बोले है 

तुझे प्रभु ने हमें सौपकर 
किया हम पर उपकार है
तू तो हमारे लिए इस धरती का 
lovely darshan
सबसे अमूल्य उपहार है  

'प्यारा' 'अनोखा' 'सुंदर' सब शब्द 
तेरी तारीफ में फीके हैं 
तेरी सूरत देख देख
तुझे सुनकर ही हम जीते हैं 

मिला तू हमें ये 
हमारा बड़ा नसीब है
cute smile
तू लाया खुशियाँ जीवन में 
हम बड़े ही खुशनसीब हैं 

स्वरचित) dj  कॉपीराईट © 1999 – 2015 Google

इस ब्लॉग के अंतर्गत लिखित/प्रकाशित सभी सामग्रियों के सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। किसी भी लेख/कविता को कहीं और प्रयोग करने के लिए लेखक की अनुमति आवश्यक है। आप लेखक के नाम का प्रयोग किये बिना इसे कहीं भी प्रकाशित नहीं कर सकते। dj  कॉपीराईट © 1999 – 2015 Google
मेरे द्वारा इस ब्लॉग टिप्पणी में लिखिए लिखित/प्रकाशित सभी सामग्री मेरी कल्पना पर आधारित है। आसपास के वातावरण और घटनाओं से प्रेरणा लेकर लिखी गई हैं। इनका किसी अन्य से साम्य एक संयोग मात्र ही हो सकता है।
आपके comments नीचे टिप्पणी में लिखिए। 
अन्य ब्लॉग की रचनाएँ पढ़ने के लिए बस क्लिक कीजियेhttp://lekhaniblogdj.blogspot.in/

प्यारा 'दर्शन '@1
के लिए क्लिक करें http://lekhaniblog.blogspot.in/2015/03/blog-post_62.html#comment-form

mummy batao na plz




प्यारा 'दर्शन '@3

आज हम सबके प्यारे सबके दुलारे दर्शन का तीसरा जन्मदिवस है। यूँ तो उसको बड़े होते देखने में हमने जिस स्वर्गतुल्य आनंद को जिया और अनुभव किया है उसको शब्दों में बाँधना मुश्किल है। पर फिर भी दर्शन की मौसी ने एक निरर्थक प्रयास करने की कोशिश की है आज फिर। और ये कविता समर्पित है नन्हे एनी से  जुड़े हम सभी भाग्यशाली परिवारजनों  को । 


nanha darshan

आया दिन ये खुशियाँ लेकर 

बोलो एक दो तीन रे 

प्यारा एनी बड़ा हो रहा 

लगा बरस अब तीन रे 


करता था बाते इशारों से 

चलता था पलंग कुर्सी के सहारों से 

नन्हें नन्हें वही कदम उसके 

अब करते हवा से बाते हैं 

तोते जैसी पटर पटर तेरी 

दिनभर हम सुनकर हर्षाते हैं। 

chatar-patar


आज सिखाता तू हमको 

कविता कैसे कहते हैं 

क्यूँ मछली पानी में और 

चीते क्यूँ थल में रहते हैं 

मूर्खता हमारी तेरे ज्ञान से 

परिपूर्ण होने लगी है 

तेरे जिज्ञासु सवालों के आगे 

तेरी ईबी मौसी भी अब रोने लगी है 


तेरे मुख से शब्द निकले तो 

और सुन्दर हो जाते हैं 

तेरी मीठी बोली से उनमे 

चार चाँद लग जाते हैं 

मैं तो भर जाती अचंभे से 

तू इतना कैसे बोले है 

कहाँ से इतने भारी भरकम 

शब्दों के पोटले खोले रे


रोज न जाने कैसी कैसी 

नई प्रतिभाएँ दिखाता है 

कम्प्यूटर पर कैसे टाईपिंग होती 

ये तू अब हमें सिखाता है 

सच में तेरा हर टैलेंट 

मुझे अचंभित करता है 

मेरे नन्हें गुरुदेव अब तो तेरे 

चरण छूने को मन करता है 


नानू नानी मामा आदु कहते 

तू नहीं थकता है 

तेरे मुँह से नाम हमारे सुन 

ये मन प्रफुल्ल हो उठता है 

मम्मी पापा दादु दादी का 

लाड़ भी कितना मिलता है 

चाचू के संग मिलकर भी 

खूब शैतानी करता है 


वीडियो कॉलिंग में जब तू 

बच्चन साहब बन दिखाता है 

देख तेरी नन्हीं कलाकारी

हर कोई मुस्काता है 

तेरी ये मुस्कान ही तो 

हम सब का आधार है 

ये प्यारी प्यारी हरकतें ही 

हममें करती प्राणों का संचार है 
nanhe ki muskaan


क्या लिखूँ तुझपे मेरे ननन 

बड़ा कठिन है काम रे 

मैं लिख लिख थक जाऊँ 

पर खत्म न होंगे तेरे गुणगान ये 

तेरे आजाने से हुआ जीवन का 

हर एक लम्हा हसीन रे 

झूमो नाचो ख़ुशी मनाओ 

लगा बरस अब तीन रे 


(स्वरचित) dj  कॉपीराईट © 1999 – 2015 Google

इस ब्लॉग के अंतर्गत लिखित/प्रकाशित सभी सामग्रियों के सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। किसी भी लेख/कविता को कहीं और प्रयोग करने के लिए लेखक की अनुमति आवश्यक है। आप लेखक के नाम का प्रयोग किये बिना इसे कहीं भी प्रकाशित नहीं कर सकते। dj  कॉपीराईट © 1999 – 2015 Google
मेरे द्वारा इस ब्लॉग टिप्पणी में लिखिए लिखित/प्रकाशित सभी सामग्री मेरी कल्पना पर आधारित है। आसपास के वातावरण और घटनाओं से प्रेरणा लेकर लिखी गई हैं। इनका किसी अन्य से साम्य एक संयोग मात्र ही हो सकता है।
आपके comments नीचे टिप्पणी में लिखिए। 
अन्य ब्लॉग की रचनाएँ पढ़ने के लिए बस क्लिक कीजियेhttp://lekhaniblogdj.blogspot.in/

प्यारा 'दर्शन '@1
पढ़ने के लिए क्लिक करें http://lekhaniblog.blogspot.in/2015/03/blog-post_62.html#comment-form